प्यार कैसे होता है (स्टेप बाय स्टेप जानकारी)

दिन भर प्यार प्यार का नाम लेने वालों क्या आपको पता है कि Pyar Kaise Hota Hai? यार कोई न्यूटन का लो नहीं होता है इसके नियम को समझने पर हम किसी से भी प्यार कर सकते हैं। प्यार जिससे होना होता है बस हो जाता है। इतनी अनसुलझी चीज है कि शायद इसीलिए Love facts in Hindi के बारे में भी लोग पढ़ना चाहते हैं।

 जिन लोगों को प्यार हुआ होता है अगर हम उनसे भी ना इस प्रकार का सवाल करें तो वह लोग भी ठीक से इसका उत्तर नहीं दे पाएंगे। क्योंकि मेरे दोस्त यह ऐसी चीज है जिसे हम समझे तो समझ नहीं पाएंगे और जिसे हम करना चाहे तो अपनी मर्जी से कर भी नहीं पाएंगे। हर किसी के लिए प्यार के अलग-अलग मायने और परिभाषा हो सकती है।

 आज के हिसाब से कल में हम आप सभी लोगों को प्यार क्या होता है?, प्यार कैसे होता है? और इतना ही नहीं प्यार और आकर्षण में अंतर क्या होता है? इन सभी विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान करने वाले हैं। अगर आप ही प्यार को अच्छे तरीके से समझना चाहते हैं तो इसके लिए आपको आज का हमारा यह आर्टिकल शुरू से लेकर अंतिम तक अवश्य पढ़ना होगा और बीच में किसी भी चीज को बिल्कुल भी मिस्ड ना करें।

 लव किसे कहते हैं – About love in Hindi

दोस्तों लव यानी कि प्यार की कोई भी परिभाषा आज तक किसी ने डिफाइन नहीं की है। मेरे ख्याल से ना ही कोई प्यार की परिभाषा किसी एक पैरामीटर पर डिफाइंड कर सकता है। प्यार अपने आप में ही एक विशाल सोच है और प्यार में पढ़ने वाले व्यक्ति को भी ठीक से पता नहीं हो पाता है कि आखिर Pyaar Kya Hota Hai?

अक्सर प्यार में करने वाले व्यक्ति को यह जानने की आवश्यकता होती है कि आखिर pyar ka ehsas kaise hota hai? जब हमें किसी से प्यार होता है तब इसका ऐसा बहुत ही अच्छा होता है और हमें सब कुछ बहुत ही अच्छा लगने लगता है। हर बुरी चीज भी अच्छी लगने लगती है और हर चीज को देखने का नजरिया भी बदल जाता है। 

मैं लव किसे कहते हैं? इसे तो डिफाइन नहीं कर सकता परंतु हां मैं आपको जरूर बता सकता हूं कि प्यार जब हमें किसी से प्यार होता है तब उस दौरान हमारे दिल की मनो स्थिति बदल जाती है और हमें इस दुनिया से कोई मतलब नहीं होता और एक प्रकार से हम पूरे तरीके से हम दुनिया से एक प्रकार से कट जाते हैं।

जब आप को किसी से प्यार हो जाए और आपके दिल को करार मिल जाए या फिर यूं कहें कि आपके दिल को सुकून मिल जाए ऐसा लगने लगे कि हमें अब दुनिया की सारी खुशियां मिल गई है और अब हमें इस दुनिया से कुछ भी नहीं चाहिए केवल और केवल अपने साथी का प्यार जनम जनम तक चाहिए तो समझ लीजिए शायद यही प्यार हो सकता है। 

लव कैसे होता है – Pyar Kaise Hota Hai

दोस्तों जिस प्रकार से लव के बारे में या प्यार के बारे में बताना मुश्किल है कि कैसे होता है? ठीक उसी प्रकार से Pyar Kaise Hota Hai अभी बता पाना बहुत ही मुश्किल होता है। किसी के लिए आसान नहीं है कि वह प्यार करने का कोई फार्मूला निकालें जिसे फॉलो करके कोई भी आसानी से किसी से प्यार कर सके।

आपने तो कईयों के मुंह से सुना होगा कि कोई लव फार्मूला बताओ जिससे हम किसी से प्यार करें या फिर कोई हमसे प्यार कर बैठे। अगर लव का कोई फार्मूला होता ना तो आज के समय में जिसकी गर्लफ्रेंड नहीं होती है उसकी भी गर्लफ्रेंड होती और जिसका मैरिज नहीं होता है ना वह लव फार्मूला को फॉलो करके लव करने के बाद शादी कर लेते। 

इसीलिए यह बता पाना मुश्किल है कि प्यार कैसे होता है? या फिर लव करने का कोई फार्मूला क्या है?। प्यार तो बस जिससे होना होता है हो जाता है और जब होता है तो हमें खुद भी नहीं पता चलता कि आखिर हमें प्यार हुआ कैसे?।

 ऐसा भी तो नहीं है कि प्यार केवल गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड के बीच या फिर हस्बैंड और वाइफ के बीच ही होता है। प्यार हमें किसी से भी हो सकता है। हमें अपने फ्रेंड के साथ प्यार हो सकता है, अपने अपने कजन ब्रदर और सिस्टर से प्यार हो सकता है, 

हमें अपने रिश्तेदारों से प्यार हो सकता है, हमें अपने माता-पिता से प्यार हो सकता है, हमें अपने भाई बहन से प्यार हो सकता है, हमें अपनी वाइफ से भी प्यार हो सकता है हमारे कहने का तात्पर्य है कि प्यार किसी से भी हो सकता है और इसीलिए प्यार होने का कोई भी तरीका लोग बता नहीं पाते हैं। 

 प्यार के कितने रूप होते हैं

दोस्तों प्यार का कोई भी रूप नहीं हो सकता मगर प्यार के हजारों रूप भी हो सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि मैंने तो दो तरह की बात कह दी जो कि समझ के बाहर है। आप बिल्कुल सही समझ रहे हैं दोस्त अब चलिए हम आपको थोड़ा इसे और विस्तार से समझाने का प्रयास करते हैं। 

जब हमारी कोई गर्लफ्रेंड बनती है और हम उससे प्यार करते हैं तब हमारा प्यार गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड के रूप में जाना जाता है और जब हमारी शादी होती है तब हम अपनी वाइफ से प्यार करते हैं और उस दौरान हमारा प्यार हस्बैंड वाइफ का कहलाता है अर्थात इससे तो स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि हमारा प्यार किस रूप का है। 

इसीलिए हमने कहा कि इसके कोई भी रूप नहीं हो सकते हैं परंतु हजारों रूप भी हो सकते हैं। वह तो हमें बहुत लोगों से प्यार होता है तो इस प्रकार से प्यार के हजारों रूप भी हो सकते हैं। मगर जब किसी से सच्चा वाला प्यार होता है तब उस दौरान प्यार का रूप कुछ और ही कहलाता है। 

हमारे जीवन में प्यार हजारों रूप में रहता और अगर हम देखे तो प्यार हमारे जीवन में किसी भी रूप में नहीं होता। हम अपनी समझ से प्यार को रूप दे सकते हैं और प्यार को रंग भी दे सकते हैं। शायद अब आपको समझ में आ गया होगा।

प्यार किस किस से हो सकता है

दोस्तों किसी भी जगह पर यह निर्धारित नहीं है या फिर ऐसा कोई रूल नहीं है कि किसी एक से ही प्यार हो सकता है या फिर केवल लड़की से ही या लड़के से ही प्यार किया जा सकता है। प्यार किसी से भी किया जा सकता है।  दोस्तों जब हमें प्यार होता है तब प्यार हमें बताता नहीं है कि किस से हमें प्यार करना चाहिए और किस से हमें प्यार नहीं करना चाहिए। 

इसका तो काम ही होता है वह जाना तो बस किसी से भी हो जाता है। चलिए आगे हम आपको प्यार किस किस से होता है? इसे थोड़ा और भी विस्तार से समझाने का प्रयास करते हैं। ताकि आप समझ सके कि प्यार हमें किस किस से हो सकता है।  

केवल गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड के बीच में होने वाला प्यार प्यार ही नहीं कहलाता बल्कि प्यार तो किसी से भी हो जाता है तो प्यार जिसे भी होता है हम उसी को प्यार कह सकते है। तो चलिए आगे बढ़ते है और इसे और विस्तृत रूप से समझने का प्रयास करते हैं।

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गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड वाला प्यार

दोस्तों हम सबसे पहले गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड वाले प्यार की ही बात कर रहे हैं क्योंकि यही ऐसे लोग हैं जो प्यार करते हुए भी ठीक से प्यार को समझ नहीं पाते। सोचने लग जाते हैं कि केवल हमारा प्यार ही प्यार कहलाने के योग्य है और किसी का प्यार प्यार नहीं हो सकता हो। 

दोस्तों जो हमें किसी लड़की से या फिर किसी लड़के से दिल से दिल का लगाव हो जाता है और हम एक दूसरे की फीलिंग के साथ कनेक्ट हो जाते हैं और साथ ही में एक दूसरे के बिना कोई भी समय व्यतीत नहीं करना चाहते हैं। तब इस प्रकार का प्यार गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड वाला होता है।

मम्मी पापा वाला प्यार

दोस्तों जब अपने बच्चे की तरफ से कोई मां समझ कर रोने लगे और जब बच्चे की जिद को पूरा करने के लिए कोई का इतना सब कुछ दांव पर लगा दे तब इस प्रकार का प्यार मम्मी पापा वाला प्यार कहलाता है। दोस्तों मम्मी पापा को अपने बच्चों से बहुत ही प्यार होता है। बच्चों के चलने से लेकर बच्चों के बड़े हो जाने और उनके पूरे हो जाने तक मम्मी पापा का प्यार बना रहता है।

बहन भाई वाला प्यार

एक घर में ही रहकर बॉर्डर की लड़ाई जैसे हमेशा माहौल बनाना मगर फिर भी अगर एक कहीं कुछ दिनों के लिए बाहर चल जाए तो उसकी कमी महसूस होना और जब आ जाए तो उसके साथ फिर से वही बर्ताव करना यह बहन भाई वाला प्यार कहलाता है। दोस्तों भाई बहन में कभी भी नहीं जानते परंतु प्यार भी भाई बहन वाला बहुत ही ज्यादा खतरनाक होता है। भाई कभी भी अपनी बहन को किसी भी प्रॉब्लम में नहीं देख सकता और ना ही बहन अपने भाई के ऊपर आने वाले विपत्तियों को बर्दाश्त कर सकती है। इस प्रकार का प्यार भाई बहन वाला प्यार कहलाता है।

बेस्ट फ्रेंड वाला प्यार

रहते हैं साथ में खाते हैं साथ में समय बिताते भी है साथ में परंतु हर समय अपने दोस्त को फंसाने के चक्कर में रहने वाले हमारे दोस्त ही हमारी जान होते हैं। हमारे गम में हमारी खुशियों में शामिल होने वाले और हर वक्त हमारे साथ खड़ा होने वाले दोस्त ही हमारे सब कुछ होते हैं। जब दोस्त के ऊपर कोई प्रॉब्लम हो जाए या फिर दोस्त किसी भी बड़ी समस्या में भी क्यों ना पड़ जाए अगर उसका दोस्त उसे हर एक वक्त सपोर्ट करने के लिए तैयार है और उसके लिए जान निछावर करने के लिए भी तैयार है तो दोस्त यही है बेस्ट फ्रेंड वाला प्यार।

रिलेटिव वाला प्यार

हमारे घर पर आकर हमें ही सजेशन देने वाले रिश्तेदार ऐसे होते हैं जो हर वक्त हमारे बारे में सोचते हैं और हमें क्या करना चाहिए इसके बारे में हमारे पेरेंट्स ए भी डिस्कस करते हैं। जब बुआ घर आ जाए तो 1 दिन और रुक जाओ कह देना यह वाला प्यार, जब कजन ब्रदर या कजन सिस्टर घर पर आ जाएं और उनके साथ खूब ढेर सारे मिलकर मस्ती करें तो यह वाला प्यार और इतना ही नहीं हमें हर समय  खुश देखने की चाह रखने वाले हमारे रिश्तेदार इसी को तो कहते हैं रिलेटिव वाला प्यार।

पति पत्नी वाला प्यार

जब एक लड़की अपना सब कुछ अपने माता पिता अपने भाई बहन और अपना घर बार छोड़कर आपके पास आ जाए और आपकी सभी जिम्मेदारियों को समझें हर वक्त आपके परिवार को देखने के साथ-साथ आपके बच्चों को संभाले और इतना ही नहीं पूरे घर को मेंटेन रखें यह होता है वाइट वाला प्यार। जब आपके हर एक बुरे वक्त में आपके साथ हो और आपकी फीलिंग को समझें आपके लिए वह सब कुछ करने को तैयार हो जाए जिससे आपको खुशी मिलती है यह होता है हस्बैंड वाला प्यार। जब घर के पूरी जिम्मेदारियों को एक साथ दो कंधों पर लेकर कोई आगे बढ़े और सबके दुख और सुख का ख्याल रखते हुए अपने कर्तव्यों को जो समझे यह कहलाता है पति और पत्नी का प्यार।

प्यार में क्या-क्या होता है 

pyar mein kya kya hota hai यह बता पाना मेरे लिए काफी मुश्किल है क्योंकि प्यार में वह सभी कुछ हो जाता है जिसे हम सोचते भी नहीं है और ना ही जिसकी कल्पना करते हैं। प्यार में हमें वह सब कुछ देखना और सहना पड़ता है, जिसके लिए हम कभी भी तैयार भी नहीं होते हैं। 

प्यार में दर्द होता है, प्यार में यादें होती हैं, प्यार में जुदाई होती हैं, प्यार में मिलन होता है और प्यार में शादी भी होती है। तो दोस्तों आप ही बताइए आखिर मैं कैसे आपको बताऊं कि प्यार में क्या क्या हो सकता है? इसीलिए मैंने कहा कि प्यार में सब कुछ होता है जो नहीं होना चाहिए वह भी प्यार में हो जाता है।

प्यार करने के फायदे – Advantage of love in Hindi

 दोस्तों आप सभी लोग अब तक जान गए होंगे कि Pyar Kaise Hota Hai और अब चलिए जान लेते हैं कि प्यार करने के क्या-क्या फायदे हो सकते हैं। जिसकी जानकारी इस प्रकार से नीचे निम्नलिखित है।

  • जब हमें किसी से प्यार होता है तब उस दौरान हमारी मानसिकता में विकास होता है और हमारे सोचने समझने की क्षमता बढ़ती है।
  • जब हम किसी के प्यार में होते हैं तो हमें जिम्मेदारियों का अहसास होने लगता है।
  •  प्यार में होने पर हमें समय की वैल्यू पता चलती है।
  •  प्यार में होने पर पॉकेट मनी निकालने और खर्चा करने की समझदारी आ जाती है।
  • जब हम किसी के प्यार में होते हैं तब हमारा मन मान लेता है कि हमें दुनिया की सबसे बड़ी खुशी मिल चुकी है और हम अंदर अंदर से ही हमेशा खुश रहने लगते हैं।
  • हमारे अकेले जीवन में किसी का साथ हमें प्यार होने पर मिल जाता है।
  •  दिल की सभी बातों को शेयर करने वाला हमें मिल जाता है जब हमें किसी से प्यार होता है।
  •  हमें हर गम में संभालने वाला और हमारी हर खुशियों को साथ में सेलिब्रेट करने वाला साथी हमें मिल जाता है।
  • जब हम किसी बड़ी समस्या में होते हैं या फिर कोई बड़ी उलझन में होते हैं तब उस दौरान उससे बाहर निकलने के हजार तरीके बताने वाला कोई ऐसा होता है जिससे हम प्यार करते हैं।
  • जब मन करे तब हम किसी के साथ अपना क्वालिटी टाइम स्पेंड कर सकते हैं।
  •  बे मतलब की दुनिया से हमें कोई अपना मतलबी मिल जाता है जो हमारे बारे में सोचता है और हम उसके बारे में सोचते हैं।

प्यार करने के नुकसान – Disadvantage of love in Hindi

अब आप सोच रहे होंगे कि हमने प्यार करने के बहुत सारे पॉजिटिव बेनिफिट बता दिए फिर प्यार करने के नुकसान बनाने की आखिर क्या जरूरत है? आपका कहना और सोचना बिल्कुल सही है दोस्तों क्योंकि जब हम किसी अच्छी चीज के बारे में सोचते हैं तो उसके बारे में बुरा सोचने से डरने लगते हैं। 

हमें डरना नहीं है बल्कि हमें दोनों ही पहलुओं के बारे में अच्छे से जानना है ताकि हमें इसके हर एक पक्ष के बारे में जानकारी हो जिस प्रकार से प्यार करने के अपने ढेरों सारे फायदे जाने हैं अब उसी प्रकार से प्यार करने के कुछ नुकसान भी जान लीजिए ताकि आपके मन में कोई डाउट ना रह जाए।

  • प्यार में ऐसे ऐसे दर्द हमें मिलते हैं जो वास्तविक दर्द से भी कहीं ज्यादा दर्दनाक होते हैं।
  • प्यार में हमें बेवफाईयां भी देखने को और सुनने को मिलती है।
  •  प्यार में होने पर हमें अपने नॉर्मल जिंदगी के मुकाबले कुछ ज्यादा ही सोचना पड़ता है।
  • प्यार में होने पर जब हमें किसी से जुदा होना होता है तब उस दौरान हमारी जिंदगी ना जीने में होती है और ना ही मरने में होती है।
  • जब हम किसी से प्यार करते हैं तब उसके बिना हम अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते और हर एक वक्त हमारे लिए जिंदगी और मौत के लिए से लगने लगता है।
  • प्यार में किसी के बिना कैसे रहते हैं और कैसे अपने दिल को मनाए यह सब कुछ सोच पाना और कर पाना बिल्कुल नामुमकिन सा हो जाता है।
  •  जब हम प्यार में होते हैं तब हमारे पॉकेट पर भी इसका असर पड़ता है क्योंकि हमें अपने प्यार को खुश रखने के लिए अपने औकात के हिसाब से एक्सपेंसिव गिफ्ट भी तो देने होते हैं ना।
  • हमें अपने प्यार को पाने के लिए परिवार से और पूरे समाज से लड़ना होता है और यह सब कुछ अकेले ही करना पड़ता है जो कि जितना सोचना आसान है उससे कई ज्यादा गुना करने में कठिन होता है।
  • प्यार को पाने के लिए घर बार, मां बाप और इतना ही नहीं अपने समाज और अपने लोगों से हमें दूर भी जाना पड़ सकता है।
  • प्यार में रहने के दौरान हमें एक दूसरे का साथ हमेशा मिलता रहे और यह साथ कभी भी ना टूटे इसके लिए हमें दर-दर भटकना पड़ता है। 

प्यार में मिलने वाली सीख – Love lesson in Hindi

 जो लोग प्यार में रहते है उनको बहुत सारी सीख मिलती है। आपको जीवन जीने का तरीका समझ में आ जाता है और इतना ही नहीं हमारे देखने का नजरिया भी बदल जाता है। हमें प्यार वह सब कुछ सिखा देता है जिसे अगर कोई और सिखाया तो हम सीखने की कोशिश भी ना करें। 

प्यार में रहने वाला इंसान अंदर से मजबूत और कमजोर दोनों ही हो जाता है। हमें दुनिया से लड़ने के तरीके पता चल जाते है। सबसे जरूरी बात जब हम प्यार में रहते है और अपने प्यार को पाने के लिए जब दुनिया से लड़ते है तब हमें समाज की सच्चाई बहुत ही नजदीकी से पता चल पाती है। 

हमारे अंदर कुछ कर गुजर जाने का जज्बा पैदा हो जाता है। जब किसी को प्यार में धोखा मिलता है तब वह इंसान अपने आप को काफी मजबूत कर लेता है और वह सब कुछ करके दिखाने की चाह रखने लगता है जो उसने कभी सोचा भी नहीं होगा। 

कुल मिलाकर प्यार हमें कमजोर होना भी सिखाता है और प्यार हमें मजबूत होना भी सिखाता है। प्यार हमें कुछ कर दिखाने का जज्बा पैदा करता है तो प्यार हमें अंदर से कमजोर करने की भी ताकत रखता है। आप अपने जीवन में जिस नजरिए से प्यार को लेकर चलेंगे प्यार आपको उसी नजरिए से आपके जीवन में कुछ ना कुछ जरूर सीख देकर जाएगा।

sachcha pyar kya hota hai

FAQ about Pyar kaise hota hai

Q: प्यार कैसे होता है?

ANS जब किसी से होना होता है तो प्यार अपने आप ही हो जाता है इसका कोई भी नियम नहीं है कि हम उसे फॉलो करके जब चाहे किसी से भी प्यार कर सकते हैं।

Q: प्यार करने का तरीका क्या है?

ANS आप जिस भी कार्यों को करके दूसरे को खुशी दिलाते है और उसके चेहरे पर मुस्कान लेकर आते है और सामने वाला भी आपके बिना जीवन जीने की कल्पना ना करें तो यही प्यार करने का समझ लीजिए तरीका हो सकता है।

Q: पहली नजर का प्यार कैसे होता है?

ANS जब हमारी नजर है किसी ऐसे पर जाए जिससे हटने का नाम ही ना लें और आंखों को और दिल को सुकून सा मिलने लगे तो शायद यही पहली नजर का प्यार हो सकता है। बार-बार आपकी आंखें उसको देखने के लिए बेकरार भी रहती है और जब वह आपकी आंखों के सामने होता है तो मानो दुनिया के सबसे बड़ी खुशी आपको मिल जाती है। शायद इसी को हम पहली नजर का प्यार कह सकते हैं।

Q: प्यार क्यों हो जाता है?

ANS  प्यार करने वाला और प्यार में रहने वाला व्यक्ति खुद भी नहीं बना सकता कि आखिर प्यार होता ही क्यों है?। प्यार तो बस दिल से दिल के कनेक्शन की तरह होता है इसे जब किसी से होना होता है तो अपने आप ही हो जाता है। आप कितना भी अपने मन को कठोर करके रखें कि हमें किसी से प्यार नहीं करना परंतु जब प्यार होना होता है तो आप की कठोरता भी काम नहीं आती और आपको प्यार हो जाता है।

Q: पहला प्यार क्यों नहीं भुलाया जा सकता?

ANS इसलिए क्योंकि जब हमें किसी से पहला प्यार होता है तब हमें उससे दिलों जान से लगाव हो जाता है और जब हमारे सच्चा प्यार हमसे दूर होता है तब हमारे लिए जीवन की कल्पना करना बहुत ही मुश्किल होने लगता है। जैसे मछली को अगर हम पानी से बाहर निकाल लेते हुए जीवन नहीं जी सकते वैसे ही पहले प्यार में पड़े आशिक की भी वही हाल होती है। जब आपकी कोई कीमती चीज आप से छीन ले जाती है या फिर अचानक से खो जाती है तो आप कहते तड़पने लगते हैं ठीक उसी प्रकार से पहला प्यार आसानी से भुलाया नहीं जा सकता।

निष्कर्ष

आज के हमने अपने इस महत्वपूर्ण आर्टिकल में आप सभी लोगों को Pyar Kaise Hota Hai? इतना ही नहीं प्यार किस किस से हो सकता है? इस विषय पर भी हमने आज के इस आर्टिकल में बहुत ही विस्तार से बात की हुई है। जिन लोगों को प्यार को अच्छी तरीके से समझना है हो सकता है यह आर्टिकल आपके लिए काफी हेल्पफुल रहा हो और इसीलिए हम चाहते हैं कि आप इसे अपने दोस्तों के साथ और अपने सभी सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करना ना भूलें। 

आपके माध्यम से क्या पता किसी और को भी इस महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में पता चल सके। आज का आर्टिकल आपको कैसा लगा हमें कमेंट करके बताएं और अगर आपके मन में कोई सवाल है तो भी आप कमेंट करके हमें बता सकते हैं। आर्टिकल शुरू से अंत तक पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद और आपका समय शुभ हो।

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