2022 में जानिए प्यार कैसे होता है – Pyar Kaise Hota Hai 

जीवन में हमें अपने कुछ सवालों के जवाब हम कितना भी ढूंढ डाले हमें नहीं मिल पाते और उन्हीं में से एक सबसे बड़ा और सबसे जटिल सवाल है कि Pyar Kaise Hota Hai आप कितने भी लोगों से इस प्रश्न का जवाब पूछोगे आपको उतने ही अलग-अलग प्रकार के जवाब इस प्रश्न की मिलेंगे।

हर किसी के लिए प्यार का मतलब और प्यार करने का तरीका अलग अलग हो सकता है और वह अपने हिसाब से ही प्यार के बारे में बताते है। किसी से पूछोगे प्यार कैसे होता है तो कोई इसका जवाब देगा कि झगड़े लड़ाई से।

Table Of Contents
  1. प्यार कैसे होता है
  2. प्यार क्या चीज है
  3. सच्चा प्यार क्या होता है
  4. सच्चा प्यार कैसे करे
  5. प्यार का जन्म कब हुआ
  6. प्यार में दर्द क्यों होता है
  7. प्यार करना गलत है या नहीं
  8. सपने में प्यार कैसे करे
  9. प्यार और मोहब्बत में अंतर
  10. क्या प्यार के बिना रहना संभव है
  11. प्यार कैसे होता है? से संबंधित पूछे जाने वाले कुछ प्रश्न एवं उनके उत्तर

तो कोई दूर रहने से तो वही कई लोग कहेंगे कि प्यार एक दूसरे की फीलिंग से होता है। प्यार को करना और समझना हर किसी के लिए आसान नहीं होता परंतु जो एक बार प्यार में पड़ जाता है उसे धीरे-धीरे इसके बारे में अच्छे से पता जरूर होने लग जाता है।

हमारे लिए भी प्यार कैसे होता है? के बारे में आपको बताना आसान नहीं है परंतु फिर भी हम कोशिश जरूर करेंगे कि प्यार को आपको अच्छी तरीके से समझा सकें। हमने अपने आज के इस लेख में आज के इस विषय पर जो भी आपके समक्ष इस लेख के जरिए जानकारी दी है वे अपने अनुभव और जहां तक हमने अपने प्यार को अपने स्तर तक समझा है। 

उसी अनुभव को हम आपको इस लेख में बताने वाले है। हम चाहते है कि आप हमारे आज के इस लेख को ध्यान से और पूरे फील के साथ पढ़े तभी आपको आज का यह विषय समझ में आएगा क्योंकि जब तक आप प्यार को खुद प्यार की फीलिंग के साथ नहीं पढ़ोगे आपको यह बिल्कुल भी समझ नहीं आएगा। अगर आपके पास समय नहीं है तो समय निकालिए और आप इस लेख पर ध्यान दें।

प्यार कैसे होता है

प्यार एक ऐसा एहसास है जिसे समझना आसान नहीं है। जब हम किसी के प्यार में होते है तब हमारा लगाव उसके प्रति धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। जो लोग प्यार में होते है तो वह लोग पहले से और भी ज्यादा सुंदर एवं खुश रहने लगते है। प्यार ईश्वर के द्वारा दिया गया एक वरदान है जो मनुष्य को अमृत के समान मिला है। 

प्यार करने वाले लोगों को आप कितना भी दर्द या फिर कितनी भी तकलीफ क्यों ना दे दो उन्हें कुछ दर्द और तकलीफ का बिल्कुल भी एहसास नहीं होता। प्यार खुद अपने आप में अलग अलग फीलिंग को समेटे हुए है। जो लोग सच्चा प्यार करते है वह लोग अपने प्यार को एक अंजाम तक ले जाते है यहां तक कि वे अपने आप को और अपने जीवन को प्यार के लिए समर्पित कर देते है। 

प्यार क्यों हो जाता है

हम जानते है इंसान एक सामाजिक जानवर है। बहुत जगह आपने सुना होगा कि किसी भी व्यक्ति को किसी की जरूरत नहीं होती, ये सच है मगर इसका मतलब ये नही है की कोई व्यक्ति सारे रिश्ते नाते तोड़ कर किसी पहाड़ पर जाकर बस जाए। बिना रिश्तो की कोई भी आदमी जिंदा नहीं रह सकता, बिना किसी रिश्ते दोस्त की जिंदगी की कल्पना की जा सकती है मगर उसे जिया नहीं जा सकता।

अब इंसान एक इतना सामाजिक जानवर है कि उसे अलग-अलग तरह के रिश्ते की जरूरत है तो प्यार सबसे मजबूत रिश्ता होता है जिसके पीछे हर इंसान भागता है। जिस इंसान में इस रिश्ते को संभालने और काबिलियत से संजोकर रखने की ताकत होती है उसके लिए प्यार बहुत खूबसूरत एहसास की तरह हमेशा रहता है। तो बस रिश्ते की एक मजबूत चाह, किसी पर अटूट विश्वास, और अपने दुख दर्द को बांट कर कम करने की अभिलाषा प्यार को जन्म देती है।

प्यार करने का एहसास कब होता है

बहुत सारे लोगों को ऐसा लगता है कि जब हमें किसी के साथ अच्छा महसूस होता है तो उसे प्यार कहते है, मगर क्या पूरी तरह से गलत है। जब हमें किसी से कुछ चाहिए होता है चाहे वो फिजिकल लेवल पर हो या मेंटल लेवल पर तब हमें उस आदमी के साथ बहुत अच्छा लगता है। 

मगर जब भी किसी से कुछ चाहिए तो वहां प्यार नहीं हो सकता। प्यार का एहसास तब होता है जब हमे किसी से कुछ नहीं चाहिए होता है, जब हम बिना किसी लोभ लालच के उसके खुशी में अपनी खुशी और उसके दुख में अपने दुख को देखने लगते है तब प्यार का एहसास शुरू होता है।

वैज्ञानिक तर्क के हिसाब से प्यार का एहसास दिमाग में हुआ एक केमिकल लोचा है। क्योंकि विज्ञान के अनुसार जब हमें कोई चीज अच्छी लगती है तो उस वक्त होने वाले एहसास के लिए डोपामिन नाम का केमिकल जिम्मेदार होता है। 

जब हम अपनी पसंदीदा खाना खाते है, या बहुत देर तक परेशान होने के बाद किसी खुली आसमान में जाकर रिलैक्स होते है, और किसी भी तरह से खुशी महसूस करते है तब यह केमिकल रिलीज होता है। यही केमिकल उस वक्त भी रिलीज होता है जब आप अपना वक्त अपने पसंदीदा वक्ती को देते है। इसलिए विज्ञान के अनुसार प्यार करने का एहसास केवल किसी व्यक्ति या वस्तु के लिए दिमाग में डोपामिन कर रिलीज होना है। 

मगर मनोविज्ञान के अनुसार प्यार करने का एहसास बिल्कुल ऐसा होता है जिसमें आप अपने आप को भुला देते है, जिसमें आप अपनी खुशी से ज्यादा सामने वाली की खुशी पर महत्व देते है, आप अपनी चिंता करते है क्योंकि आप जानते है की आपके प्यार को आपकी जरूरत है। आप उस व्यक्ति की खुशी में ही अपनी खुशी ढूंढ लेते है और उस व्यक्ति के दुख में अपना दुख ढूंढ लेते है। 

आप अपने प्यार के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते है, और यह आपके शरीर में बहुत तेज ऊर्जा प्रज्वलित करता है। ये अहसास बिलकुल ऐसा होता है, जब आप बहुत थके हुए हो और उस वक्त भी अगर वो इंसान आपके पास आ जाए तो आपके शरीर को ऊर्जा मिल जाती है।

प्यार क्या चीज है

प्यार कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे सूत्रों की मदद से लिखित रूप से समझाया जा सके। यह केवल एक एहसास है जिसे महसूस किया जा सकता है। हम ऐसा कह सकते है कि दुनिया का सबसे मजबूत एहसास प्यार है जिसमें बहुत ऊर्जा होती है। 

अगर प्यार की उर्जा को सही तरीके से संभाला गया तो वह एक व्यक्ति को सफल बना सकती है दूसरी तरफ प्यार की उर्जा को सही तरीके से ना संभालने पर किसी व्यक्ति की जिंदगी को बर्बाद कर सकती है।

यह प्यार बहुत खूबसूरत एहसास होता है जो बहुत मुश्किल से किसी के पल्ले पड़ता है। प्यार का एहसास आकर्षण से शुरू होता है और हर तरह के लोभ लालच को खत्म करते हुए अध्यात्म पर खत्म होता है।

प्यार की परिभाषा 

एक ऐसा खूबसूरत एहसास जिसमें आप बिना किसी लोभ या लालच के सामने वाले की चिंता, रक्षा, और सम्मान करते है। उसके खुशी में अपनी खुशी और उसके दुख में अपना दुख ढूंढ लेते है, और दोनो एक दूसरे में अपने आपको महसूस कर पाते हो तो ये प्यार है।

आज प्यार की परिभाषा लोगों की जरूरत पर बन चुकी है जिसकी जैसी जरूरत वह प्यार की परिभाषा को उस तरह से मोड़कर दर्शाता है। जोकि बहुत गलत है, प्यार की परिभाषा में लोभ, लालच या किसी तरह की चाह नहीं होती है। 

जब तक आप सामने वाले से कुछ चाहोगे तब तक वहां आपका स्वार्थ है, वहां प्यार नहीं है। एक मां अपने बच्चे से कुछ चाहती नहीं है लेकिन उसका बच्चा अपनी मां की इज्जत करता है और उसे सम्मान देता है यह दर्शाता है कि दोनों के बीच प्यार है। 

बिल्कुल इसी तरह जब हमें किसी से प्यार होता है तो हम उसे बांधने की कोसिस नहीं करते और उस पर अपनी चाहत का बोझ नहीं थोपते, मगर इसके बावजूद सामने वाला आपकी इज्जत करता है और आपकी भावना को सम्मान देता है।

सच्चा प्यार क्या होता है

सच्चा प्यार एक बहुत ही बेहतरीन एहसास होता है जिसमें हम सामने वाले से किसी भी तरह की चाहत नहीं रखते है। आजकल प्यार का मतलब फिजिकल रिलेशन हो चुका है मगर सालों पहले मनोवैज्ञानिक और बहुत सारे विद्वानों के द्वारा प्यार की भावना को बेहतरीन तरीके से परिभाषित करते हुए यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जब तक हम किसी तरह की चाहत सामने वाले पर थोपते रहेंगे। 

तब तक उसे प्यार का नाम नहीं दिया जा सकता। अगर आपको सामने वाले से कुछ चाहिए चाहे वो पैसे, मेंटल सेटिस्फेक्शन या फिजिकल सेटिस्फेक्शन हो सकता है। जो जरूरत पूरा होने के बाद खत्म हो जाएगा, इसे हम सच्चा प्यार नहीं कह सकते। 

सच्चा प्यार एक बहुत ही खूबसूरत एहसास होता है जिसमें सामने वाली की खुशी में अपनी खुशी होती है और सामने वाले के दुख में अपना दुख होता है। सच्चा प्यार में हम अपने आप को अपने प्रेमी या प्रेमिका में देख पाते है। 

हम अपने प्यार के इतिहास और वर्तमान के जरिए यह समझ पाते है की व्यक्ति कैसा है और उसके बाद उस व्यक्ति पर अपना पूर्ण भरोसा देते है जिसके बाद उसकी खुशी और दुख से खुद को जोड़ते है और यही सच्चा प्यार होता है। 

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सच्चा प्यार करने के लिए क्या जरूरी है

बहुत सारे फिल्म और उपन्यास में इस बात को बहुत ही खूबसूरत तरीके से समझाया गया है मगर तार्किक और बौद्धिक रूप से अगर इस सवाल का सही उत्तर समझने का प्रयास किया जाए तो हमने प्यार के लिए जरूरी सभी चीजों को सूचीबद्ध किया है – 

  • प्यार करने के लिए सबसे पहले हमें निर्मल और साफ दिल की जरूरत होती है क्योंकि प्यार एक पवित्र रिश्ता है और किसी भी रिश्ते को पवित्र और पाक दिल से ही निभाया जाता है।
  • प्यार करने के लिए अपने जीवन में स्थिरता जरूरी है। जो आदमी अब स्टेबल हो चुका है वो प्यार कर सकता है। जो व्यक्ति खुद अपने जीवन में एक स्थिर जगह पर खड़ा नहीं है, वह कैसे किसी से प्यार करेगा और सामने वाले को सुकून देगा।
  • प्यार करने के लिए समझ जरूरी है। एक समझदार व्यक्ति ही सही तरीके से प्यार के बंधन और उसकी ऊर्जा के महत्व को समझ सकता है।
  • प्यार करने के लिए सामने वाले की प्राइवेसी को समझना और उसे इज्जत देना जरूरी है। बस अपनी किसी चाहत को सामने वाले पर थोपना और उसे प्यार का नाम देना एक बच्चे का काम है।

सच्चा प्यार कैसे करे

यदि आप किसी से सच्चा प्यार करना चाहते हो परंतु आपको समझ में नहीं आ रहा कि आखिर सच्चा प्यार कैसे किया जाता है या फिर इसे करने का तरीका क्या है तो आपको फिक्र करने की जरूरत नहीं है। आप सच्चे प्यार को बड़ी ही आसानी से निभा सकते हो बस आपको कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देना है और बताया के तरीके को फॉलो करना है इसके लिए नीचे दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़े और समझने का प्रयास करें। 

1. सच्चे प्यार की शुरुआत दोस्ती से होती है   

प्यार की शुरुआत दोस्ती से होती है अगर आप किसी से सच्चा प्यार करते है, तो पहले उसे अपना एक अच्छा दोस्त बनाइए। उसके बाद अपनी सभी तरह की बातों को उसके साथ शेयर करिए। दो लोगों के बीच दोस्ती जितनी गहरी होगी प्यार उतना ही गहरा होगा।

2. अपने प्यार को कभी धोखा ना दे   

सच्चा प्यार करने की दूसरी शर्त है कि सामने वाला आप पर भरोसा कर सके। चाहे बात कितनी भी छोटि या कितनी भी बड़ी क्यों ना हो, आपको अपने प्यार को कभी धोखा नहीं देना है। छोटी सी छोटी बात भी उसे बताए और उसे कभी भी धोखा देने के बारे में ना सोचे।

3. अपने प्यार से हमेशा सच बोले   

सच एक बहुत बड़ी ताकत है अगर किसी व्यक्ति को यह पता है कि आप उससे हमेशा सच बोलेंगे और कोई भी बात उससे चुप आएंगे नहीं तो उसके साथ आपका रिश्ता अपने आप और गहरा हो जाता है। जो व्यक्ति बिना किसी हिचकिचाहट के हर तरह की सच्चाई सामने वाले से कहता है उसे हर तरह के लोग पसंद करते है। सच्चा प्यार करने की सबसे बड़ी खासियत आपका सच बोलना है, इसलिए किसी भी परिस्थिति में अपने प्यार से झूठ मत बोलिए।

4. अपने प्यार को अपना पूरा वक्त दे    

ऐसा कई बार होता है जब आप किसी से प्यार करते है मगर अपने काम में इतने व्यस्त हो जाते है कि उन्हें वक्त नहीं दे पाते। अगर आप किसी से सच्चा प्यार करते है या सच्चा प्यार करना चाहते है तो इसके लिए आपको सबसे पहले अपने प्यार के लिए वक्त निकालना सीखना होगा। आप अपने प्यार को जितना ज्यादा वक्त देंगे आप दोनों का प्यार उतना अधिक गहरा होगा।

5. कभी भी अपने प्यार का फायदा ना उठाएं    

ऐसा बहुत बार होता है जब सामने वाला आप पर भरोसा करता है और आपसे प्यार करता है तब गलत प्रवृत्ति के लोग उनका फायदा उठा लेते है इस वजह से कभी भी वह अपने जीवन में किसी दूसरे पर भरोसा नहीं कर पाते। 

इसलिए जरूरी है कि कभी भी आप अपने प्यार का फायदा ना उठाएं, सच्चा प्यार हमें फायदा उठाने के बारे में नहीं सिखाता। किसी के साथ भी सच्चा प्यार हमें उनकी खुशी के बारे में सोचने को मजबूर करता है। इसलिए सच्चा प्यार करने की एक और महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आपको अपने फायदे के लिए अपने प्यार का कभी इस्तेमाल नहीं करना है।

प्यार का जन्म कब हुआ

इस दुनिया में प्यार कब आया और सबसे पहली बार प्यार किसे हुआ है इसके बारे में कोई नहीं जानता। मगर जब इतिहास के पन्नों को उलट कर देखते है, तो हीर रांझा और रोमियो जूलियट जैसे कुछ नाम हमारे समक्ष आते है। ये दुनिया बहुत पुरानी है प्यार सबसे पहली बार कैसे हुआ इसका पता लगाना बहुत मुश्किल है क्योंकि यह केवल एक एहसास है जो इंसान के अंदर होता है। 

मगर इतिहास की मदद से हमें इतना पता चला है कि यह एहसास इतना मजबूत था की एक जमाने के सबसे बलशाली राजा अशोक जिन्होंने बिहार के पटना से अरब के समरकंद तक राज किया, उनके हाथ से एक ही रात में तलवार हमेशा के लिए छोड़वा दिया। दूसरी तरफ यह प्यार इतना ऊर्जावान एहसास साबित हुआ जिसने लैला के लिए मजनू को पूरी दुनिया में पागल करार दिया।

प्यार का जन्म कब हुआ हम यह नहीं जानते मगर इतिहास के पन्नों ने हमें बताया है कि कैसे हजारों साल पहले प्यार के अहसास के लिए हीर और रांझा एक दूसरे के लिए मर गए, कैसे लैला के लिए मजनू दुनिया का सबसे बड़ा पागल बन गया, और ना जाने इस प्यार ने आज तक कितने लोगों के साथ क्या-क्या करवाया है।

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प्यार में दर्द क्यों होता है

हर वो जगह जहां आप सामने वाले पर भरोसा करेंगे और सामने वाले से किसी प्रकार की इच्छा रखेंगे वहां दर्द की संभावना होगी। जब हम सामने वाले से किसी प्रकार की इच्छा रखते है तो सामने वाले के पास इस बात का पूरा हक है कि वो आपकी इच्छा को पूरा नहीं भी कर सकता है, और जब आप सामने वाले से कुछ चाहते है और वह पूरा नहीं होता है तब आपको दुख होता है।

जैसा कि हमने बताया आज क्या अपने स्वार्थ के लिए किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में एक आदमी प्यार के नाम पर सामने वाले से अलग अलग तरह की मांग करता है। कई बार वो मांग गलत होती है मगर प्यार के अभाव में लोग गलती कर बैठते है और इस वजह से उन्हें जीवन में बहुत दर्द होता है और पछताना पड़ता है।

आपको यह समझना होगा कि प्यार में दर्द इसलिए है क्योंकि आप सामने वाले से बहुत अधिक मांग रहे है। आप जब तक अपनी किसी तरह की मांग को पूरा करवाने के लिए सामने वाले के साथ जुड़े रहेंगे तब तक आपका प्यार अधूरा है और आपको दर्द होगा। इस दर्द को कम करने का एक ही तरीका है और वो है सामने वाले से बिना किसी चाहत या मांग के प्यार करना।

प्यार करना गलत है या नहीं

प्यार करना गलत है या नहीं यह आपकी परिस्थिति पर निर्भर करता है। हम इस बात को मानते है कि प्यार अचानक किसी के प्रति आकर्षण महसूस करवाता है और हम उनकी तरफ तेजी से खींचे चले जाते है इस पर आपका कोई जोर नहीं होता। 

मगर जब आप प्यार के आकर्षण को संभाल नहीं पा रहे तब आपके लिए प्यार करना गलत है क्योंकि प्यार में बहुत ताकत होती है अगर प्यार की ऊर्जा को सही तरीके से नहीं संभाल पाएंगे तो आपका जीवन बर्बाद हो जाएगा।

प्यार करना उस व्यक्ति के लिए गलत नहीं है जिस व्यक्ति ने अपने जीवन में स्थिरता को हासिल कर लिया है। सरल शब्दों में अगर आप अपने पैरों पर खड़े है और  अपने घरवालों के दम पर अगर आप नहीं चल रहे तब आपने खुद को संभालना शुरू कर लिया है। 

ऐसी परिस्थिति में आप किसी और को संभालने की कोशिश में आगे बढ़कर प्यार कर सकते है। अगर अपने जीवन में आप अपने घर के सदस्यों पर निर्भर है तो प्यार के नाम पर किसी और की जिमेदारी उठाना आपके लिए गलत है। 

प्यार में हमें सामने वाले की रक्षा, उसका सम्मान, और उसकी खुशी का ध्यान रखना होता है। अगर आप खुद अपने पैरों पर खड़े नहीं है तो आपकी खुशी का ध्यान आपके घरवाले रख रहे है जब आप खुद किसी के भरोसे जी रहे है, तब आप किसी की खुशी का ध्यान रखने के लायक नही है। 

और इस वक्त प्यार आपके लिए सही नहीं है वरना आप अपनी जिंदगी बरबाद कर लेंगे। दूसरी तरफ अगर आपने अपने पैरो पर खड़े है और खुद के साथ साथ किसी और की जिम्मेदारी लेनी शुरू कर दी है। तब प्यार आपके लिए बहुत खूबसूरत एहसास होगा जो आपको जीवन में सुकून और शांति का अनुभव करवाएगा।

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सपने में प्यार कैसे करे

सपना आपके ख्याल से आता है और अपने ख्यालों पर आपका पूरी तरह से काबू होता है इसलिए सपनों में प्यार करना सबसे खूबसूरत एहसास होता है। सपनों में आप जिससे चाहे उससे प्यार कर सकते है और जिस तरह चाहे उस तरह कर सकते है। आपके सपनों पर किसी का बस नहीं चल सकता आप जिस तरह के ख्यालों में खो ना चाहे उस तरह के ख्याल में खो सकते है इसलिए सपनों में प्यार करना सबसे खूबसूरत माना जाता है।

लोग अक्सर सपनों में उनसे प्यार करते है जिनसे उन्हें असल जिंदगी में भी प्यार होता है। मगर हमारे हिसाब से सपने में आप जितनी अच्छी चीज को सोचेंगे आपका ख्याल आपको उस चीज के पास ले जाने के लिए आपको अलग-अलग तरह की शक्तियां देगा। अगर लॉ ऑफ अट्रैक्शन में जरा सी भी सच्चाई है तो आपको ख्यालों में अपने सपनों में दुनिया की सबसे सुंदर लड़की या लड़के से प्यार करना चाहिए। 

जब आप अपने सपनों में किसी से भी प्यार कर सकते है तो क्यों ना दुनिया की सबसे खूबसूरत इंसान से प्यार किया जाए। इस बारे में सोच लिया क्या और उसके बाद सपनों में अपने किरदार सुनिए गा और उनसे प्यार करिएगा। 

प्यार और मोहब्बत में अंतर

प्यार और मोहब्बत एक दूसरे के पर्यायवाची शब्द है। प्यार एक हिंदी शब्द है जो दिल में उठे आकर्षण के भाव को दर्शाता है। मोहब्बत उसी एहसास का उर्दू शब्द है।

प्यार और मोहब्बत में कोई अंतर नहीं होता है प्यार केवल एक हिंदी शब्द है और उसी भावना को व्यक्त करने के लिए उर्दू में जिस शब्द का इस्तेमाल करते है उसे मोहब्बत कहा जाता है। प्यार और मोहब्बत केवल इंसान के मन में उठने वाले फीलिंग्स को व्यक्त करने वाले शब्द है। 

प्यार में लड़ाई क्यों होती है

जैसा कि हमने आपको बताया प्यार एक बहुत ही खूबसूरत एहसास होता है इसमें सामने वाले की खुशी में अपनी खुशी और सामने वाले के दुख में अपना दुख दिखता है। प्यार एक ऐसा एहसास होता है जिसमें सामने वाले के तकलीफ को कम करने के लिए और उसके भलाई के लिए उससे लड़ जाते है। 

इसका सबसे अच्छा उदाहरण है कि अगर किसी को फूल बहुत अच्छा लगेगा तो वह उस फूल को तोड़ने का लेकिन जिस व्यक्ति को उस फूल से प्यार होगा तो वह उसे रोज पानी देगा और उस फूल को टूटने नहीं देगा। बिल्कुल उसी तरह जब हमें किसी से प्यार होता है तो हम उसकी भलाई के बारे में सोचते है। 

भले ही उसके लिए हमें उससे लड़ना क्यों ना पड़े। ऐसा बहुत बार होता है जब हम अपनी भलाई से पहले उनकी भलाई देख लेता है, इस वजह से प्यार में लड़ाई होती है। प्यार वाली लड़ाई को मीठी तकरार बोला जाता है क्योंकि सामने वाली की भलाई के लिए आप उससे लड़ते है यह लड़ाई भी बहुत खूबसूरत अहसास देती है।

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क्या प्यार के बिना रहना संभव है

नहीं इंसान एक सामाजिक जानवर है हम बिना रिश्तो के नहीं जी सकते। सुनने और सोचने में ऐसा लगता है कि बिना किसी रिश्ते के हम एक अपना काम करके और थोड़ा बहुत घूम कर के अपना जीवन काट सकते है। मगर एक समय तक अकेले रहने के बाद अकेले रहना बहुत ही मुश्किल हो जाता है दुनिया का कोई भी आदमी बिना किसी रिश्ते, और बिना किसी दोस्त के अपना पूरा जीवन नहीं काट सकता।

अगर आप ऐसा सोचते है कि आप बिना प्यार के अपना जीवन काट सकते है तो आप बिल्कुल गलत सोच रहे है। किसी भी इंसान के लिए रिश्ता बहुत जरूरी होता है और अगर रिश्ते में प्यार ना हो तो वह रिश्ता धीरे-धीरे टूट जाता है और उसके बाद हम अकेले हो जाते है। इसलिए हर किसी को एक मजबूत रिश्ता चाहिए और किसी भी रिश्ते में मजबूती प्यार से आती है।

प्रेम के साथ शादी करना बहुत ही खूबसूरत एहसास होता है क्योंकि आप जिससे प्यार करते है उसके बारे में सब कुछ जानते है और उसके बाद उसके साथ अपना पूरा जीवन बिताने के लिए तैयार होते है ऐसी परिस्थिति में आप एक दूसरे को बहुत अच्छे से समझते है किसे क्या चाहिए किस की क्या जरूरत है इसका आप बहुत अच्छे तरीके से ख्याल रखते है।

ऐसा नहीं है कि अरेंज मैरिज में लोग खुश नहीं रहते वह भी लोग खुश रहते है मगर एक अरेंज मैरिज में सामने वाला व्यक्ति का व्यक्तित्व आपके व्यक्तित्व की तरह है या नहीं इसे समझने में बहुत लंबा वक्त लग जाता है और जब तक आप यह समझते है। 

कि सामने वाले का व्यक्तित्व आपको गुस्सा दिलाता है या आपकी पसंद का नहीं है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। इसलिए हमारे सुझाव में अरेंज मैरिज से ज्यादा है बेहतर प्रेम विवाह है। प्रेम विवाह में आप सामने वाले के साथ शादी के बंधन में बंधने से पहले उसे बेहतरीन तरीके से समझ लेते है कि उसका व्यक्तित्व आपके व्यक्तित्व की तरह है या नहीं वह वक्त आपके लिए कितना आकर्षक है और कितना आपको समझता है।

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प्रेम के साथ शादी करने के फायदे

अगर आप प्रेम विवाह करते है, तो इसके अलग-अलग तरह के फायदे होते है जिसके बारे में सूचीबद्ध जानकारी नीचे दी गई है – 

  • प्रेम विवाह में आप अपने जीवनसाथी को अच्छे तरीके से समझ पाते है।
  • प्रेम विवाह में आप अपने जीवनसाथी पर भरोसा करते है और शादी के बंधन में बंधने से पहले उनके बारे में सब कुछ जानते और समझते है।
  • प्रेम विवाह दो जीवनसाथी के बीच की गहरी मित्रता पर आधारित होता है इस वजह से यह वैवाहिक जीवन को और खुशहाल बना देता है। 

प्यार कैसे होता है? से संबंधित पूछे जाने वाले कुछ प्रश्न एवं उनके उत्तर

यहां पर हमने प्यार कैसे होता है? से संबंधित आप लोगों द्वारा पूछे जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर दिए हुए है।

Q. प्यार की शुरुआत कैसे की जाती है?

प्यार की शुरुआत इन 4 चीजों से हो सकती है रिश्तेदारी, दोस्ती, रोमानी इच्छा और दिव्य प्रेम।

Q. प्यार का लक्षण क्या है?

लोगों से मिलना जुलना अच्छा नहीं लगेगा, अकेले रहना पसंद करेंगे, दूसरों की याद में खोए रहेंगे और हमेशा अपने प्यार से मिलने की तड़प आपको सताती रहेगी।

निष्कर्ष

हमने अपने आज के इस महत्वपूर्ण लेख में आप सभी लोगों को Pyar Kaise Hota Hai के बारे में कंप्लीट यूज़फुल जानकारी प्रदान की हुई है और हमें उम्मीद है कि हमारे द्वारा आज के इस विषय पर दी गई यह जानकारी आप लोगों के लिए काफी उपयोगी और सहायक सिद्ध हुई होगी।

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Abhishek Maurya

मेरा नाम Abhishek Maurya है और मैं वाराणसी उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ। मैं इस ब्लॉग के ओनर के साथ-साथ हिंदी कंटेंट राइटिंग का भी काम करता हूँ। मुझे रिलेशनशिप के ऊपर लिखना बहुत ही अच्छा लगता है। अगर आपको हमारा पोस्ट अच्छा लगता है तो अपनी प्रतिक्रिया कमेंट में अवश्य दे। हमारी वेबसाइट को सपोर्ट करें क्योंकि यही हमारा सब कुछ है और आप लोगों के सपोर्ट से हमें सहयोग मिलेगा। हमारी वेबसाइट को आप अपने दोस्तों के साथ अपने सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें।  

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