दोस्ती और प्यार में क्या अंतर है (16 तरीके) – लड़की लड़के के लिए

कई सारे लोग तो ठीक से प्यार क्या होता है? और प्यार कैसे होता है? इसके बारे में जान नहीं पाते है परंतु फिर भी प्यार करने की चाह रखते है। सबसे पहले आपको Dosti Aur Pyar Me Kya Antar Hai यह समझना बेहद आवश्यक है। मेरे प्यारे दोस्तों बचपन से ही हमें कुछ रिश्तो के बारे में समझाया और बताया जाता है जैसे कि माता-पिता, भाई-बहन और भी कई सगे संबंधियों के रिश्ते के बारे में हमें बचपन से ही बताया और समझाया जाता हैं।

जैसे-जैसे हम बढ़ते जाते है और एक समय ऐसा आता है जब हम कॉलेज और स्कूल में जाना शुरु कर देते तब उस दौरान हम दुनिया में अपना पहला कदम लोगों को समझने में और नया रिश्ता बनाने में रखते है। घर से बाहर जब हम स्कूल और कॉलेज में दाखिला लेते है तब छात्र और शिष्य का रिश्ता, दोस्ती का रिश्ता और कुछ इसी प्रकार से कई सारे नए नए रिश्ते हम धीरे-धीरे बनाना शुरु कर देते हैं।

कभी-कभी हम दोस्ती के रिश्ते में लड़का या लड़की को अपना प्यार समझने की गलती कर देते है जो कि सही नहीं है ऐसे में हम अपने दोस्ती का रिश्ता तो तोड़ते ही है साथ ही में दोस्ती और प्यार के रिश्ते में क्या अंतर होता है इस बात का ठीक से पता ना होने की वजह से हम खुद को एक समय ऐसा आता है जब अकेला महसूस करने लगते हैं।

इसीलिए मेरे प्यारे दोस्तों आपको दोस्ती और प्यार में क्या अंतर होता है? इसे समझना बेहद जरूरी है। जब आप इन दोनों के बीच का अंतर समझ जाएंगे तब आप हर एक रिश्ते को आसानी से निभा पाएंगे। किसी को भी इन दोनों के बीच अंतर पहले से नहीं पता होता हमें इसे समझना होगा और तब जाकर हम किसी रिश्ते को आसानी से निभा पाते हैं।

आज के इस लेख में हम आप सभी लोगों को दोस्ती और प्यार में अंतर को समझने के टिप्स बताने वाले है जो कि लड़का और लड़की दोनों को ही जानना बेहद जरूरी है क्योंकि इन दोनों चीजों में अंतर समझना आसान नहीं है जो कि लड़का और लड़की दोनों को ही इसके बीच का अंतर समझने में दिक्कत आती हैं।

इसीलिए हम चाहते है कि आप हर एक रिश्ते को अच्छे से निभाया और उसके बीच का अंतर समझे। हम चाहते है कि आप इस लेख को अंतिम तक अवश्य करें ताकि प्यार और दोस्ती के बीच का अंतर आप आसानी से समझ सके।

दोस्ती और प्यार में क्या अंतर है

अगर आपकी किसी से पक्की दोस्ती है और आप उससे और वह आपसे खूब घुल मिलकर रहते है और ऐसे रहते है जैसे कि कोई गर्लफ्रेंड या फिर बॉयफ्रेंड रहते हो। अब अचानक से 1 दिन आपके मन में ख्याल आता है कि जिस प्रकार से हम रहते है ठीक उसी प्रकार से गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड का रिलेशनशिप भी होता है तो क्या हमारा यह रिलेशनशिप एक गर्लफ्रेंड या फिर बॉयफ्रेंड वाला तो नहीं। 

ऐसे आश्चर्यचकित कर देने वाले और कंफ्यूज करने वाले सवाल लगभग हर एक लड़का और लड़की के जीवन में एक बार जरूर आता है। इसी सवाल को ठीक से समझने और इसका सही जवाब न मिल पाने की वजह से आप अपने दोस्ती के रिश्ते को प्यार समझ बैठते है और यह अपेक्षा सामने वाले से भी करने लगते है कि वह भी आपके साथ कुछ इसी प्रकार का रिएक्ट करें। मगर मेरे दोस्त ऐसा नहीं हो पाता और हम धीरे-धीरे अपने दोस्ती के रिश्ते को भी खोते चले जाते है और एक समय ऐसा आता है। 

तब हम अपने दोस्त से ही दूर हो जाते है जो कि बिल्कुल भी सही नहीं अगर आप पहले ही प्यार और दोस्ती के बीच का अंतर समझ लेते तो आज आपका दोस्ती का रिश्ता कभी भी नहीं टूटता और शायद आप किसी से भी प्यार करने से पहले या फिर दोस्ती करने से पहले उसे निभाने के बारे में अंतर को समझ कर आवश्यक कदम भी उठा पाते। आगे हम आपको दोस्ती और प्यार में अंतर को समझने के टिप्स बताने वाले हैं।

1. दोस्ती में कोई वजह नहीं होती जबकि प्रेम वजह बनता है

दोस्तों हम दोस्ती किसी से किसी भी वजह से नहीं करते है बल्कि दोस्ती हम अपने आप ही बिना वजह या फिर हम यूं कहें कि ऐसे ही किसी से भी आसानी से हो जाती है। मगर वही जब किसी से प्रेम होता है तो वह जीने की वजह भी बनता है और हमें दोस्ती को समझने से ज्यादा प्रेम को समझने में समय लगता है। प्रेम को समझना आसान नहीं जबकि दोस्ती को समझना बहुत ही आसान होता हैं।

2. दोस्ती में दिल नहीं टूटता जबकि प्यार में टूटता है

मेरे प्यारे दोस्तों जल्दी किसी से दोस्ती नहीं टूटती है और अगर टूटती भी है तो वह दिल को इतनी तकलीफ नहीं पहुंचा पाती है जितना तकलीफ प्यार में दिल टूटने पर होता है। दोस्ती में केवल भरोसा टूटता है जबकि प्यार में भरोसा और दिल दोनों ही टूट जाता है। दोस्ती में कोई शर्त नहीं होती जबकि प्यार में अनगिनत शर्तें होती हैं।

3. दोस्ती और प्यार के मिलन से मजबूत रिश्ते का निर्माण होता है

दोस्तों जब किसी के साथ दोस्ती का रिश्ता होता है तब वह ज्यादातर फिजिकल रूप में होता है और जब किसी से सच्चा प्यार होता है तो वह 1 तरीके से आत्मा से होता है उसके मन से होता है। मगर जब वही दोस्ती और प्यार का एक साथ मिलन होता है तब एक मजबूत रिश्ते का निर्माण होता हैं। 

जब आप अपने किसी भी रिलेशनशिप में दोस्ती की तरह रहते है और उसे प्यार की तरह निभाते है और उसकी जिम्मेदारियों को समझते हैं तब आपका कोई भी रिश्ता कभी भी नहीं टूटेगा।

4. प्यार एक से होता है जबकि दोस्ती अनेक से

मेरे प्यारे दोस्तों आप दोस्ती तो हजारों नहीं बल्कि लाखों लोगों से कर सकते है परंतु प्यार किसी एक से ही होता है। आप हर वक्त हर सेकंड और हर मिनट किसी भी लड़की या फिर लड़के के साथ दोस्ती कर सकते है मगर वही प्यार हर क्षण नहीं होता है इसे होने में समय लगता है और जब होता है तब किसी एक से ही होता है ना कि अनेक से।

5. प्यार हमें एकांत में पहुंचाता है जबकि दोस्ती भीड़ में

जब किसी लड़का या फिर किसी लड़की को प्यार होता है तब वह लोगों से अलग रहने लगते है और उन्हें एकांत पसंद आता है। जबकि जब आप किसी के साथ दोस्ती करते हो तो वह आपको अपने और भी दोस्तों से और अपने जानने वाले लोगों से मिल जाता है मतलब कि आप दोस्ती करने के बाद भीड़ में रहने लगते है और लोगों के बीच में लेने लगते है जबकि प्यार में रहने के बाद आपको केवल एकांत ही पसंद आने वाला है।

6. प्यार लड़के को लड़की से और लड़की को लड़के से होता है जबकि दोस्ती सबसे

अगर आप लड़का है तो आपको लड़की से प्यार होगा और अगर आप लड़की है तो आपको लड़के से प्यार होगा। वही अगर हम दोस्ती की बात करें तो दोस्ती लड़का और लड़की दोनों से ही आप कर सकते हो। क्योंकि दोस्ती में हम लड़का लड़की नहीं देखते है जबकि जब हम किसी से प्यार करते है तब उस दौरान हम अपने ऑपोजिट जेंडर से ही प्यार करते हैं।

दुनिया भर में केवल 10 से 20% ही ऐसे केस है जो सेम जेंडर से प्यार करते है इतना ही नहीं उनकी दोस्ती भी सेम जेंडर के साथ आसानी से हो जाती है। अब तो आप समझ ही गए होंगे कि प्यार किससे होता है? और दोस्ती किससे होती है?।

7. प्यार और दोस्ती में जीने मरने की अलग-अलग शर्तें

जब आपको किसी से प्यार होता है तब आप अपने पार्टनर से कहते है कि जब तक तुम्हारी सांसे चलती रहेंगी तब तक हमारी भी सांसे चलती रहेंगे और जिस दिन तुम्हारी सांसे बंद हो जाएंगी उस दिन अपने आप ही हमारे साथ से भी थम जाएगी। 

जबकि एक दोस्त दोस्ती की शर्त में अपने दोस्त से कहता है कि जब तक मैं जिंदा हूं तब तक तुम्हें कुछ होने नहीं दूंगा और मरते दम तक अपने दोस्ती को हम ऐसे ही निभाते रहेंगे। अगर आप प्यार और दोस्ती के बीच का अंतर समझना चाहते है तो प्यार और दोस्ती में जीने मरने की शर्तों को समझ लीजिए आपको इसका फर्क आसानी से समझ में आ जाएगा।

8. दोस्ती में दूरियों का कोई मायने नहीं है जबकि प्रेम में होता है

दोस्ती निभाने के लिए आपको नज़दीकियां या फिर दूरियों का कोई भी प्रतिबंध नहीं होता है। मगर वहीं पर प्रेम निभाने के लिए ज्यादा समय तक दूरियां सही नहीं है। अपने प्रेम को साबित करने के लिए आपको एक समय में दूरियों को कम करना बहुत ही जरूरी हैं। 

जबकि अगर आपको आपके दोस्त के साथ प्रेम है तो आपकी दोस्ती दूरियां हो नज़दीकियों जैसी प्रतिबंधित चीजों को महत्वता नहीं प्रदान करेगी और आपकी दोस्ती हमेशा आजीवन चलती रहेगी जबकि प्रेम में दूरियों को कम करना बेहद आवश्यक हैं।

यह भी पढ़ें

9. प्यार में सोचने समझने की क्षमता कम हो जाती है जबकि दोस्ती में इसका विकास होता है

अगर आप किसी के प्रेम में है तो आपको ऐसा ऐसा जरूर कभी ना कभी हुआ होगा कि आपके सोचने एवं समझने की क्षमता पहले के मुकाबले जरूर कम हुई होगी। मनोवैज्ञानिक रिसर्च में भी इस बात को साबित किया गया है कि जो लोग प्रेम में होते है अक्सर उन लोगों को सोचने व समझने की क्षमता में कमी नजर आती है। वहीं अगर आप केवल दोस्ती के रिश्ते में रहते हैं। 

तो आपके सोचने और समझने की क्षमता का विकास होता है अगर विकास नहीं भी होता है तो यह कम नहीं होगा। एक दोस्त अपने दूसरे दोस्त को हमेशा नई नई चीजों के बारे में बताता रहता है और उसे अप टू डेट रखने की कोशिश करता हैं।

10. दोस्ती और प्रेम में उम्मीदों की शर्तें

जब आप किसी के प्यार में होते है तब आप अपने पार्टनर से कोई ना कोई उम्मीद जरूर रखते है। यह उम्मीद आजीवन साथ रहने की हो सकती है, जीवन को सफल बनाने की हो सकती है, एक दूसरे से प्यार पाने की हो सकती है और भी कई सारी उम्मीदें प्यार में होती हैं।

मगर दोस्ती में कोई भी इन उम्मीदों की शर्तें नहीं होती दोस्त अपने आप ही अपनी दोस्ती की उम्मीदों पर खरे उतरते है। कभी भी कोई दोस्त किसी भी दोस्त की उम्मीद नहीं करता और इसीलिए बिना उम्मीदों की दोस्ती आजीवन निभाई जाती हैं।

अगर प्रेम में उम्मीदें ना हो तो प्रेम का कोई अर्थ ही नहीं होगा और फिर प्रेम कभी भी एक दूसरे से होगा भी नहीं। ज्यादातर प्रेम उम्मीदों की नींव पर ही खड़ा होता है क्योंकि बिना उम्मीद के प्रेम का कोई अर्थ भी नहीं निकलेगा। जब आपको किसी से उम्मीद ही नहीं होगी तो उसके साथ आपका प्रेम कैसे हो सकता हैं।

11. दोस्ती में समाज नहीं आता जबकि प्रेम में समाज आड़े आता है

आप किसी भी लड़के या फिर लड़के के साथ दोस्ती कर सकते हो आज समाज दोस्ती के रिश्ते को कभी भी कुछ नहीं कहता मगर आज भी समाज में जब किसी लड़की को लड़के से और लड़का को लड़की से प्रेम होता है तो उनके रिश्ते में समाज जरूर आता है। 

समाज को प्रेम का रिश्ता अभी भी समझ नहीं आता है और आपको समाज से प्यार को पाने के लिए लड़ना पड़ता है जबकि दोस्ती में आपको ऐसा कुछ भी नहीं करना पड़ता है और समाज दोस्ती के रिश्ते को आसानी से समझ भी जाता हैं।

यह भी पढ़ें

12. एक दूसरे को समझने की शर्तें प्रेम और दोस्ती में अलग होती है

अगर आपको किसी से प्रेम होता है तब आपको अपने पार्टनर की दिल की बात को समझना बेहद आवश्यक है क्योंकि गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड या फिर पति-पत्नी का ही रिश्ता क्यों ना हो यह ऐसे रिश्ते है जिसमें प्रेम होता ही है। अगर आप इन रिश्तो को निभाने के लिए अपने पार्टनर को नहीं समझोगे और उसके दिल की बात को अच्छे से नहीं समझ पाओगे तो आपका रिश्ता कभी भी सफल नहीं हो पाएगा। 

जबकि दोस्ती में इसके पूरे विपरीत में एक दोस्त को दूसरे दोस्त को करना पड़ता है। कभी भी कोई दोस्त अपने दोस्ती के रिश्ते को निभाने के लिए बिना कहे ही फीलिंग को समझने की क्षमता रखता है और एक समय में भी अगर आप फीलिंग नहीं समझोगे तो भी चल जाएगा और आपका दोस्ती का रिश्ता कभी नहीं टूटेगा जबकि प्रेम में पार्टनर को समझना बहुत ही जरूरी हैं।

13. प्यार में फिजिकल अट्रैक्शन होता है दोस्ती में नहीं

जब किसी से आपको प्यार होता है तब आपको उसके साथ फिजिकल अट्रैक्शन भी होता है। बिना फिजिकल अट्रैक्शन के प्यार किया भी नहीं जाता है और ना ही किसी को हो पाता है। जबकि दोस्ती में फिजिकल अट्रैक्शन जैसी चीज की कोई भी वैल्यू नहीं है। दोस्ती किसी भी व्यक्ति के फिजिकल अट्रैक्शन को देखकर नहीं होती दोस्ती तो बस सामने वाले के स्वभाव और उसकी क्वालिटी को देखकर की जाती है ना कि फिजिकल अट्रैक्शन को देखकर।

14. दोस्ती और प्यार की फीलिंग अलग-अलग होती है

जब आप किसी के प्यार में होते हो तब आपको हर वक्त उसी का ख्याल होता है और आपकी फीलिंग उसके प्रति बदल जाती है और हम आपको बता दें कि उसके प्रति ही नहीं आप अंदर से ही अपने फीलिंग को बदलने लगते हैं।

जबकि जब किसी के साथ दोस्ती होती है तो इसमें फीलिंग पर कोई भी असर नहीं पड़ता है। आप हमेशा एक जैसा ही दोस्ती में फील करोगे इसमें आपको खुशी, गम, अच्छा, बुरा सब एक समान लगेगा। वही प्यार में सभी प्रकार के फीलिंग के मायने ही बदल जाते है और हम आपको बता दें कि प्यार की फीलिंग बहुत ही दर्द भरी होती है वही दोस्ती की फीलिंग हमेशा हैप्पीनेस वाली होती हैं।

15. प्यार में उनकी याद ज्यादा सताती है दोस्ती में नहीं

अगर आपने किसी से प्रेम किया होगा तो आपको बहुत ही अच्छे तरीके से पता होगा कि जब आप प्रेम में होते हो तो उनकी याद आपको कितना तड़पाती है। जब प्रेम में होते है तब सामने वाले की याद कभी-कभी इतना ज्यादा सताने लगती है कि कुछ भी खाने पीने का मन भी नहीं करता और ना ही लोगों के बीच में रहने का मन करता है सब कुछ सुना सुना सा लगने लगता हैं।

मानो जैसे कोई कीमती चीज खो सी गई हो। दोस्ती में कभी भी दोस्त की याद तड़पाती नहीं है बल्कि आपको उल्टा जब उसकी याद आती है तो कोई ना कोई शिकायतें और कोई ना कोई ऐसा इंसीडेंट याद आ जाता है जिसमें आपको खुशी ही मिलती हैं।

16. प्यार पूरा होने की संभावना कम होती है जबकि दोस्ती में ऐसा कुछ नहीं होता

इस दुनिया में ऐसे बहुत ही कम लोग है जिनका प्यार पूरा हो पाता है। अभी आपको ऐसे बहुत सारे लोग मिल जाएंगे जिनका किसी न किसी वजह से प्यार पूरा नहीं हो पाता और वह प्यार में हमेशा रोते ही रहते है। आपको अपने प्यार को पूरा करने के लिए समाज से लड़ना पड़ता है और कभी-कभी तो आपका पार्टनर खुद ही आपके रिलेशन को नकार देता है और परिणाम प्यार में धोखा जैसा होता हैं।

दोस्ती में कोई भी पाबंदी नहीं होती है दोस्ती हमेशा शुरू से ही पूरी होती है। एक दोस्त भले ही अपने दूसरे दोस्त से कितना भी दूर चले जाए और कितने ही समय तक बातें ना करें परंतु जब वे एक जगह पर होते है तब वह सब कुछ भूल जाते है और एक साथ उस पल को पूरे तरीके से इंजॉय करते है। दोस्ती में कभी भी अधूरा या फिर पूरा जैसे शब्दों की कोई वैल्यू नहीं है जबकि प्यार में इन शब्दों की बहुत ही ज्यादा वॉल्यूम बढ़ जाती हैं।

दोस्त बनाने के फायदे

दोस्त बनाने के बहुत सारे फायदे होते है जिनमें से कुछ इस प्रकार से नीचे विस्तार पूर्वक से बताए गए हैं।

  • दोस्तों हमें हर प्रकार के दर्द को सहने की क्षमता प्रदान करते है और इतना ही नहीं हमारे हर एक सुख दुख में हमेशा हमारे साथ खड़े रहते हैं।
  • दोस्त होने से कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ता हैं।
  • दोस्तों से हमें अलग-अलग प्रकार के चीजों के बारे में पता भी चलता है और कुछ नया सीखने को भी मिलता हैं।
  • दोस्त होने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि वह आपको हमेशा उधार देने के लिए तैयार रहते हैं।
  • एक रिसर्च में पता चला है कि जिनके दोस्त होते है उन्हें तनाव जैसी समस्या नहीं होती हैं।
  • मुसीबतों में दोस्त हमेशा काम में आते हैं।
  • दोस्त होने से हमें अच्छी अच्छी आदतों के बारे में पता भी चलता है और कुछ काम की बातें भी पता चल जाती हैं।

प्यार करने के फायदे

जिस प्रकार से दोस्त बनाने के फायदे होते है ठीक उसी प्रकार से प्यार करने के भी अपने बहुत सारे फायदे होते है जिनके बारे में नीचे विस्तार से बताया गया हैं।

  • एक रिसर्च में पता चला है कि जो लोग प्यार में होते है वह बिना डाइटिंग किए या फिर एक्सरसाइज किए करीब 180 कैलोरी आसानी से बर्न कर सकते हैं।
  • जो लोग प्यार में होते है उन्हें रिश्तो के मायने अच्छे से समझ में आ जाते हैं।
  • प्यार में होने पर हमें अपनी जिम्मेदारियों का भी अहसास होने लगता हैं।
  • प्यार में होने पर कई सारे सेहत संबंधित फायदे भी होते है और वे सभी रिसर्च में भी साबित हुए हैं।
  • प्यार में होने पर हमें अलग-अलग चीजों के मायने और उनकी जीवन में वैल्यू समझ में आ जाते हैं।
  • प्यार होने का अनुभव बहुत ही सुहाना होता है और इसमें अलग-अलग प्रकार की फीलिंग भी हमें महसूस होती रहती हैं।
प्यार और दोस्ती में क्या फर्क है?

FAQ About Dosti Aur Pyar Me Kya Antar Hai

Q: दोस्ती और प्यार में क्या अंतर है बताइए?

ANS दोस्ती और प्यार में एक सबसे बड़ा अंतर यह है कि प्यार केवल एक से होता है और दोस्ती अनेकों से होती हैं।

Q: क्या दोस्ती में प्यार होता है?

ANS दोस्तों कभी-कभी लड़की और लड़के का दोस्ती का रिश्ता प्यार में भी बदल जाता है और आप इसे दोस्ती में प्यार होता है इस तरीके से भी परिभाषित कर सकते हैं।

Q: दोस्ती और प्यार में क्या क्या होता है?

ANS दोस्ती करने पर आपको हमेशा आनंद ही आता है जबकि प्यार करने में आपको हमेशा एक दूसरे की चिंता सताती रहेगी और इतना ही नहीं अपने रिलेशनशिप को सक्सेस करने के लिए भी आपको हमेशा फिक्र होती रहेगी।

Q: जो लोग दोस्ती प्यार में बदलते है उनका रिश्ता कैसा होता है?

ANS ऐसे लोगों का रिश्ता ज्यादातर सफल ही रहता है क्योंकि वह रिलेशनशिप में आने के बाद भी दोस्त की तरह रहते है और दोस्त कभी भी अपने दूसरे दोस्त का दिल नहीं दुखाते और इसीलिए ऐसे लोगों का रिलेशनशिप सक्सेसफुल रहता हैं।

Q: क्या प्यार और दोस्ती की फीलिंग अलग-अलग होती है?

ANS जी हां बिल्कुल प्यार और दोस्ती की फिल्म अलग अलग होती है। इसके लिए आपको यह आर्टिकल पूरा पढ़ना होगा।

निष्कर्ष

आज के इस महत्वपूर्ण लेख में हमने आप सभी लोगों को Dosti Aur Pyar Me Kya Antar Hai इसके बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की हुई है। अक्सर लोग दोस्ती को प्यार समझ लेते है और प्यार को दोस्ती जो कि किसी भी रिलेशनशिप कोई सक्सेसफुल करने के लिए सही नहीं हैं।

इन सभी चीजों को सोच विचार कर हमने आज के इस लेख को आपके समक्ष प्रस्तुत किया है और हमें उम्मीद है कि आज का हमारा यह लेख आपके लिए काफी ज्यादा हेल्पफुल और यूज़फुल रहा होगा। अगर आपको आज का यह लेख अच्छा लगा हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ और अपने सभी सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करना ना भूले ताकि आप जैसे ही अन्य लोगों को आपके माध्यम से इस जानकारी के बारे में पता चल सके।

अगर इस लेख से संबंधित आपके मन में कोई भी सवाल या फिर कोई भी सुझाव है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते है। हम आपके द्वारा दिए गए प्रतिक्रिया का जवाब शीघ्र से शीघ्र देने का पूरा प्रयास करेंगे। इस लेख को शुरू से अंत तक पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद और आपका कीमती समय शुभ हो। 

Leave a Comment

Share via
Copy link
Powered by Social Snap